(TOP) Chai Par Shayari In Hindi: 65+ चाय शायरी

नमस्कार दोस्तों यह पोस्ट खास कर चाय के दीवानो के लिए है, सुबह-सुबह चाय पिने का मजा ही कुछ और होता है, सरीर में एक ताजगी भर जाती है मन शांत हो,  पर चाय दमदार होनी चाहिए।  और अगर दोस्त साथ में हो तो बात ही कुछ और है, इस पोस्ट में हमने आपके लिए chai par shayari in hindichai ki chuski shayari, का बेहतरीन कलेक्शन लाये है।
अपने दोस्तों और अपने परिवार के साथ चाय की चुस्की लेते होते हुए, कितना अच्छा लगता है और हमसे दूर होते है हम उन्हें विश जरूर करते है, आप उन्हें चाय के नए अंदाज में गूग मॉर्निंग चाय विश कर सकते है, sham ki chai shayari, chai ki pyali shayari. 
जब हम दोस्तों के साथ होते है तब वो देशी स्टाइल में chai dosti shayari, kulhad chai shayari, kulhad wali chai, और  अपने प्यार के लिए लव वाली चाय शायरी, chai ki talab shayari, उन्हें विश करने के लिए शायरी लिखी है। 
हमें आशा है की आपको यह पोस्ट जरूर पसंद आएगी। अपने दोस्तों के साथ शेयर करना न भूले और अपनी रे हमें कमेंट में जरूर बताये। 



Chai Par Shayari In Hindi
Chai Par Shayari In Hindi

CHAI PAR SHAYARI IN HINDI 






 तुम्हे ज़रा भी अंदाज है अपनी चाहत का,
जिस दिन तुमसे बात नही होती,
अपनी चाय में भी कोई मिठास नही होती।





tumhe zara bhee andaaj hai apanee chaahat ka,
 jis din tumase baat nahee hotee,
 apanee chaay mein bhee koee mithaas nahee hotee.





आ तुझें सुबह ए बनारसी शौक़ दिखाऊ,
पहले "कुल्हड़ वाली चाय" फिर इक मीठा पान खिलाऊँ।





 Aa tujhen subah e banaarasee shauq dikhaoo,
Pahale "kulhad wali chai" phir ik metha paan khilaoon.





मन तो अब भी करता है, 
पहले गर्म चाय फिर ठंडी चाय पीने का, 
पर अब न वो दोस्त रहे न वो बचपन।





Man to ab bhee karata hai, 
Pahale garm chaay phir thandee chaay peene ka, 
Par ab na vo dost rahe na vo bachapan.





हरकतें ज़रा ठंड़ी ही रखना जनाब, 
गर्म तो हमे बस चाय ही पसन्द है।





Harakaten zara thandee hee rakhana janaab, 
Garm to hame bas chai hee pasand hai.






 ना इश्क़, मोहब्ब्त और प्यार, 
और ना ही किसी का दीदार, 
हमे तो पसन्द है अपने दोस्तों के साथ 
वो कुल्हड़ वाली चाय


KULHAD WALI CHAI | CHAI DOSTI SHAYARI 

kulhad chai shayari




 Na ishq, mohabbt aur pyaar, 
aur na hee kisee ka deedaar, 
hame to pasand hai apane doston ke saath 
vo kulhad wali chai.





 लगता है चाय और बिस्कुट सा  इश्क़ हो गया है हमारा,
 सोचता हूँ ज्यादा डूबे तो टूट न जाये कहीं ।



 Lagata hai chay aur biskut sa  ishq ho gaya hai hamaara,
 sochata hoon jyaada doobe to toot na jaaye kaheen .




 सायद नही भुला अब भी तेरी यादें,
 हर सुबह चाय की चुस्की के साथ तेरी कमी महसूस होती है।





 Saayad nahee bhula ab bhee teree yaaden,
 har subah chaay kee chuskee ke saath
 teree kamee mahasoos hotee hai.




यह भी देखे:-

 फिर भी ख्याल रखना अपना, 
मेरे चले जाने के बाद, 
कौन चाय पिलायेगा तुझे यू हमसे बिछड़ने के बाद।





 Phir bhee khyaal rakhana apana, 
mere chale jaane ke baad, 
kaun chai pilaayega tujhe yoo hamase bichhadane ke baad.





 नहीं जाएगी याद तेरी यूं दिल से मेरे, 
जब जब चाय बनेगी तब तब तेरी याद आएगी।  





 Nahin jaegee yaad teree yoon dil se mere, 
jab jab chay banegee tab teree yaad aaegee.  





 नही आता हमे 
अपने दर्द का दिखावा करना, 
अब तो अकेले चाय पीने की आदत सी हो गयी है।





 Nahee aata hame 
apane dard ka dikhaava karana, 
ab to akele chai peene ki aadat see ho gayee hai.





एक कप चाय के साथ
कहीं आराम तलाशता है...
ये दिल उसके साथ एक शाम तलाशता है। 

SHAM KI CHAI SHAYARI 

chai pe shayari in hindi





 ठान ली थी हमने भी 
ना पिएंगे चाय कभी उनके हाथों की, 
फिर उन्हें देखा तो खुद से ही बगावत कर बैठे। 






 Thaan lee thee hamane bhee 
na pienge chaay kabhee unake haathon kee, 
phir unhe dekha to khud se hee bagaavat kar baithe. 





 तुम्हारी हाथों की चाय ने हमे दीवाना बना दिया, 
इश्क़ तो था ही तुमसे, 
तेरी इश्क़ ने चाय में मिठास ला दिया।





 Tumhaaree haathon kee chaay ne hame devana bana diya, 
ishq to tha hee tumase, 
teree ishq ne chaay mein mithaas la diya.


 CHAI PE SHAYARI IN HINDI | चाय की चुस्की शायरी 






 एक सुबह की चाय तुम्हारी,
और इक चाय हमारी भी....
कुछ बातें दिल में तुम्हारे भी,
और कुछ जज्बात हमारे भी....





 Ek subah kee chaay  tumhaaree,
aur ik chaay hamaaree bhee....
kuchh baaten dil mein tumhaare bhee,
aur kuchh jajbaat hamaare bhee....





 हर सुबह तेरी याद आती है, 
तेरी खुशबू दिल मे उतर जाती है, 
ये मोहब्ब्त नही है जनाब "हम दीवाने है चाय के"
बस अपने चाय की याद आती है।





 Har subah teree yaad aatee hai, 
teree khushaboo dil me utar jaatee hai, 
ye mohabt nahee hai janaab "ham diwaane hai chai ke"
bas apane chaay kee yaad aatee hai.






महफ़िल में रंग बिखेज जाती है 
वो चाय ही है जनाब....
जो लोगों को एक साथ बैठती है।


CHAI KE UPAR SHAYARI 

chai ke upar shayari




 Mahafil me Rang bikher jati hai, vo chai hee hai janab...
Jo logon ko ek sath baithati hai.





 सुबह अपने हाथों से पिला देना, 
साम को मै बना दिया करूँगा, 
"चाय "
कुछ अल्फाज तू कहना...
कुछ अपनी मैं भी सुना दिया करूँगा। 





 Subah apane haathon se pila dena, 
saam ko mai bana diya karoonga, 
"chaay "
kuchh alphaaj too kahana...
kuchh apanee main bhee suna diya karoonga. 







 मौसम आज का बड़ा ही सुहाना है, 
मुझे तेरे हाथ की चाय और पकौड़े खाना है।





 Mausam aaj ka bada hee suhaana hai, 
mujhe tere haath kee chaay aur pakaude khaana hai.




CHAI KI PYALI SHAYARI |  चाय की प्याली शायरी 


 तू मिल तो सही साथ साथं मुस्कुरायेंगे, 
हाथ में चाय की प्याली होगी फिर सारी  बात बताएँगे।



 Tu mil to sahee saath saathan muskuraayenge, 
haath mein chai ki pyali hogee phir saaree  baat bataenge.



 थोड़ा नशा तू भी करने लगी, 
मिली हो जब से चाय और भी मीठी लगाने लगी।





Thoda nasha tu bhee karane lagee, 
milee ho jab se chaay aur bhee meethee lagaane lagee.

CHAI KE DEEWANE SHAYARI: CHAI KE UPAR SHAYARI 





वो तेरे शहरी कप के चाय, 
उसमे क्या स्वाद आएगी।  
कुल्हड़ में पी  के देख कभी 
उसी चाय की स्वाद दिल को छू जाएगी।





Vo tere shaharee kap ke chaay, 
usame kya svaad aaegee.  
kulhad mein pee  ke dekh kabhee 
usee chaay kee svaad dil ko chhoo jaegee.





 सुना है चाय पिलाना बड़े पुन्य का काम है, 
यार मेरे कभी तो कुछ पुन्य कर लो।  





Suna hai chai pilaana bade puny ka kaam hai, 
yaar mere kabhee to kuchh puny kar lo.






मिलाना कभी तुम्हे देशी चाय पिलायेंगे, 
थोड़ी अदरक ज्यादा और उसे कुल्हड़ में  पिलायेंगे।





Milaana kabhee tumhe deshi chai pilaayenge, 
thodee adarak jyaada aur use kulhad mein  pilaayenge.






 CHAI PE SHAYARI IN HINDI चाय के दीवाने 


उन्होंने कहा हमसे, 
आप चाय में सक्कर कितनी लीजियेगा,
हमने भी कह दिया बस होठों से लगाकर हमें दे दीजियेगा।





Unhonne kaha hamase, 
aap chaay mein sakkar kitanee leejiyega,
hamane bhee kah diya bas hothon se lagaakar hamen de deejiyega.






आ जाओ इस कोहरे में मिलाने हमसे कौन तुम्हे देखेगा,
चाय पिलाऊ तुम्हे इक अच्छी सी फिर love you भी कह दीजियेगा।





Aa jao is kohare mein milaane hamase kaun tumhe dekhega,
chai pilaoo tumhe ik achchhee see phir love you bhi kah deejiyega.


CHAI PAR SHAYARI 2 LINE 





बैठे हम चाय की प्याली लेकर,
पुराने किस्से याद करने...
चाय ठंडी होती रही और 
पुराने किस्से गरम। 





Baithe ham chai  ki pyali lekar,
puraane kisse yaad karane...
chaay thandee hotee rahee aur 
puraane kisse garam. 





जिसके हक़ में है बस उसी का रहेगा,
मोहब्बत चाय नहीं है जबान जो हर की पियेगा। 





Jisake hak mein hai
 bas usee ka rahega,
mohabbat chaay nahin hai janaab 
jo har koee piyega. 





पहली मुलाकात थी उनसे 
और अपने इश्क़ के इजहार को,
चाय की दीवाने निकले हम दोनों 
क्या कहें इस इस्तेफ़ाक़ को। 





 Pahalee mulaakaat thee unase 
aur apane ishq ke ijahaar ko,
chai ke diwaane nikale ham donon 
kya kahen is tefaaq ko.






 #गम इश्क़ का हम कुुछ इसकदर भूला आया,
मैं पुराने दोस्तों के साथ #अदरक वाली चाय पी आया.






 Gam ishq ka ham kuch is kadar bhula aaya,
Main apane purane dosto ke sath adrak wali chai pi aaya.





गर्म चाय के साथ थोड़ा गम भी पीता हुँ,
थोडी मिठास कम है जिंदगी में मगर सान से जिता हू।





Garm chai ke sath thoda gam bhi pita hun,
Thodi mithaa kam hai zindagi me magar shan se jita hun.





ठिठुरते ठंड में कड़क अदरक वाली चाय का मजा,
वो सराबी ही क्या जिसने ना किया इस चाय का नशा।





Thithurate thand me kadak adrak vali chai ka maja,
Vo sharabi hi kya jisane na kiya es chai ka nasha.




CHAI PAR SHAYARI IN HINDI / चाय पर शायरी इन हिंदी 


तेरे इश्क का ही सब एहसास है 
फीकी चाय में भी क्या गजब की मिठास है। 





काफी में वो इश्क नजर ही नहीं आता 
और एक चाय है...
जो दिल में उतर जाता है। 





तेरे सरे गुनाहों की सजा बाकि है 
अगर चाय पिला देता तो सब माफ़ी है। 





तेरे इश्क का गम...
मेरे चाय गरम के आगे फीकी पद जाती है। 





कोई और तरीका आज़मा ए जिंदगी  
मुझे रुलाने का...
"मेरे पास चाय है" वो जरिया 
तेरे सरे गम भुलाने का। 





आदत से मजबूर हैं जनाब 
इसमे चाय का क्या कसूर है जनाब। 





महक दूर से आती है 
दिल में सुकून भर जाती है। 





सारी दुनियां खुदगर्ज है...
चाय हर जख्म का मर्ज है। 





थके हारे लोगों को तब राहत नजर आती है 
जब रस्ते में चाय की दुकान दिख जाती है। 





मेरे दोस्त कमीने पुराने है 
सुट्टे के साथ चाय के दीवाने है। 





तेरे हाथ से बनी वो चाय की एक घूंट पि लूँ ,
बस चंद पालो में सारी खुशियां जी लूँ। 





हम चाय के पास गए थे अपने इश्क का गम भुलाने
चाय बोली हमसे...
चल किसी दूसरी को आजमाने। 





उजाले जुगनुओं से, और फूलों से ताज़ी महक चुराई है 
वक्त चुराया जिंदगी से....
फिर ये सुकून की दो धूंट बनायीं है। 

chai par shayari in hindi




आपको हमारी यह चाय पर शायरी हिंदी पोस्ट कैसी लगी चाय के शौकीनों  लिए यहाँ Chai Par Shayari In Hindi, Chay par shayari लिखी है हमे अपने विचार कमेंट में बताये।




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