Alone Life Shayari Hindi: Udas Zindagi अकेलापन शायरी:

Spread the love

अकेलापन शायरी और स्टेटस के लिए यहाँ आपको एकदम मस्त और लेटेस्ट यूनिक शायरी पढने को मिलेगी, Udas zindagi shayari अकेलापन शायरी Alone Life shayari, Akelapan Shayari For Boys जिसे आप अपने सोशल मीडिया पर शेयर कर सकते है हमे आशा है आपको जरुर पसंद आयेगा हमे कमेंट में जरुर बताये ।

सुकून कही नहीं है दोस्त
हमने अकेले और रिश्तों दोनों का एहसास किया है।

 

दिल में गम छिपाकर महफ़िल में मुस्कुराया हूँ,
कितना अकेला हूँ मैं ये बात हर किसी से छुपाया हूँ।

 

नाराजगी किसी से नहीं
ज़िन्दगी से थोड़ी सिकायत है,
अकेलेपन से बहोत उब गया
अब सुकून की चाहत है।

 

मैं अकेला हूँ
अपना पुराना जूनून खोज रहा हूँ…
महफ़िल से दूर मैं सुकून खोज रहा हूँ।

 

झूठी मुस्कान होठों पर दिखानी पड़ती है,
दिल के जज्बात हर कोई नहीं समझ सकता।

 

दिल में तन्हाई के सिवा कुछ नहीं बचा है,
हमारे तन्हाई के किस्से पर
महफ़िल में लोगों से हंसा है।

 

मज़बूरी में जब कोई जुदा होता है,
ज़रूरी नहीं कि वो बेवफ़ा होता है,
देकर वो आपकी आँखों में आँसू,
अकेले में वो आपसे ज्यादा रोता है।

 

सूरज पर प्रतिबन्ध अनेक
और भरोषा रातों पर,
नयन हमारे सीख रहे है
हँसाना झूठी बातों पर।

….कुमार विश्वाश

 

आप चमकते हो तो जमाना साथ होता है,
अँधेरे में परछाई भी साथ छोड़ देती है।

 

ये जिंदगी है जनाब
भीड़ तभी आपके पीछे होगी
जब सफलता शोर करेगी…
आपके अकेलेपन से किसी को कोई फर्क नहीं पड़ता।

 

हर वो सख्स मुझे अकेला मिला
जिसने सच्चे दिल से किसी को चाहा है।

 

कई चेहरों के साथ ये सब बनावटी रिश्ते है
सुकून देता है खुद का साथ,
हम अकेले ही अच्छे है।

 

कब तक उसका इंतजार करोगे
वो बात दिल से लगाये बैठे हो,
यहाँ कोई किसी के साथ हमेसा नहीं
सोचो तुम अकेले ही अच्छे हो।

 

कैसे छोड़ दूँ अकेलेपन को अकेला
तेरे जाने के बाद इसने ही मुझे सम्हाला है।

 

मौत भी खफा है जैसे
जिंदगी एक सजा हो जैसे
हँस देते है हम भी महफ़िल में
नहीं जानता कोई कितना दर्द छिपा है।

 

अच्छी थी कहानी पर अधूरी रह गयी
झूठे इश्क में दुरी रह गयी।

 

हमारे अन्दर के हादसों पर किसी की नजर नहीं है,
हम मर चुके है और हमें खबर नहीं है।

 

आखिरी तक साथ देने का वादा था
उनका दर्द देने का इरादा था
अकेले रह गए हम राह में।

 

जिंदगी अपनी तबाह किये है…
उससे मोहब्बत बेपनाह किये है।

 

मेरी कोई खता तो साबित कर
बुरा हूँ तो बुरा साबित कर,
तुझसे प्यार है इतना तू क्या जाने…
चल मैं बेवफा हूँ
तू अपनी वफ़ा साबित कर।

 

अकेला हूँ राह में
यहाँ सुकून की हवा है
ना कोई इश्क वफ़ा और ना ही कोई वेवफा है।

 

साम को बैठा हूँ कही अकेले
वो बातें याद कर रहा हूँ,
गम नहीं हैं मेरे चहरे पर
अपनी बेवकूफियों पे हँस रहा हूँ।

 

अकेला खुश हूँ
अब परेसान मत कर,
हमदर्दी की बातों से एहसान मत कर।

 

सुना है अकेले सफ़र में
बहुत मजा आता है…
ना कोई हमसे आगे होता है
ना कोई पीछे रह जाता है।

 

Leave a Comment